मुख्य पेज   |    संर्पक    |   मिडीया      |    English
ॐ नम: शिवाय      ॐ नम:शिवाय     ॐ नम: शिवाय      ॐ नम:शिवाय     ॐ नम: शिवाय
ॐ नम: शिवाय
 
 
 
 
 
 
श्री शिवयोगी रघुवंश पुरी जी
   
 

शिव के 108 नाम

सामप्रिय

साम गान सुनकर अत्यन्त मुदित होने के कारण हीं शंकर को सामप्रिय कहा जाता है। सामवेद के अंदर शिव की हीं महिमा का प्रतिपादन है इसलिए उसे सुनकर शिव अति प्रसन्न होते हैं। सामवेद के द्वारा आराधनीय होने के कारण शम्भु को सामप्रिय कहा जाता है। साम का अर्थ शांति भी होता है। शंकर शांतिप्रिय हैं इसलिए सामप्रिय हैं। यही कारण है कि परम शांति के तलाश में शांताकार कैलाश को अपना वास बनाते हैं। श्मशान भी परमशांत होने के कारण शूलपाणि को खूब सुहाता है।
चाणक्य के अनुसार नीतियों में प्रथम नीति साम है। साम के द्वारा सबसे पहले किसीको वश में करना चाहिए। शिव भक्त, शिव को स्वाभिमुख करने के लिए इन उपायों का सहारा लेता है और शिव फिर उनसे प्रेम करने लग जाते हैं, इसलिए सामप्रिय कहे जाते हैं। भास्करराय के अनुसार तो सामप्रिय का यह अर्थ है–

चन्दनस्पर्शशीतामृतस्यन्दिनी सान्त्ववाक् सामवेदोSथ सामानि वा।
तै: प्रयुक्तैरतीवेश! सम्प्रीयसे गीयसे तेन लोकेषु सामप्रिय:।।

अर्थात् हे भगवन्! चन्दन के स्पर्श से, चित्तसुखदायिनी अमृत धारा प्रवहित मधुरवाणी का प्रयोग किये जाने पर, या सामवेद का गायन किये जाने पर, अथवा ग्वाल–बालों द्वारा आपका नाम लेकर गीत गाए जाने पर, आप अत्यन्त प्रसन्न हो जाते हैं इसलीए सन्त आपको सामप्रिय कहते हैं।
ब्रह्मनिष्ठ यति अपनी मस्ती में सामगायन करते हैं। सामगायक भी साम हीं है। उससे प्रेम करने के कारण आप सामप्रिय हैं। अध्यात्म में तो दु:खों को नष्ट करने वाले को साम कहते हैं। दु:ख नाशक उपायों से प्रेम करने के कारण आप सामप्रिय हैं। चरमवृत्ति हीं समूल दु:ख नाशिका है। शिव को संगीत के द्वारा रिझाना और शिवमय हो जाना सामप्रिय की उपासना है। ‘अमा सहित: साम:’ सहित के सहित होने से शिव स्वनिष्ठ प्रिय होने से सामप्रिय कहे जाते हैं।


 
------------------------------------------------------
 
 
 
 
 
 
 
 
  कार्यक्रम
 
  शिव कथा
    मकर संक्राति
    शिव नाम प्रवचन
    महा शिव रात्रि
READ MORE
 


 

संर्पक

श्री वेदनाथ महादेव मंदिर
एफ / आर - 4 फेस – 1,
अशोक विहार, दिल्ली – 110052
दूरभाष : 09312473725, 09873702316,
011-47091354


 


  प्रवचन
 
    प्रवचन 1
    प्रवचन 2
    प्रवचन 3
  प्रवचन 4
 

 

 India Tour Package Data Entry Service
Designed and Maintained by Multi Design